क्या है पूरा मामला?
वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक युवक और कुछ महिलाओं के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस चल रही है। बहस इतनी बढ़ जाती है कि युवक अपना आपा खो बैठता है और महिलाओं पर हाथ उठा देता है। वीडियो में दिख रहा है कि युवक ने एक नहीं, बल्कि कई बार महिलाओं को थप्पड़ जड़े।
वहाँ मौजूद पीड़ित महिलाएँ लगातार चिल्लाती रहीं और कहती रहीं—"पास में ही पुलिस स्टेशन है, चलो हमें वहीं लेकर चलो।" लेकिन इसके बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ। दूसरी तरफ, आरोपी युवक लगातार रौब झाड़ते हुए कह रहा था—"हाथ चलाएगी? हाथ चलाएगी?" और फिर खुद ही महिलाओं पर ताबड़तोड़ थप्पड़ बरसाने लगा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और गाली-गलौज भी हुई।
"गंगा सभा का कर्मचारी हूँ" — युवक का दावा
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि मारपीट करने वाला यह युवक खुद को 'गंगा सभा' का मुलाजिम (कर्मचारी) बता रहा था। महिलाओं का कहना है कि वे पिछले 15 दिनों से हरिद्वार में रहकर पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान कर रही थीं। ऐसे पवित्र स्थान पर, जहाँ देश-विदेश से लोग अपनी आस्था लेकर आते हैं, वहाँ इस तरह की गुंडागर्दी होना वाकई चिंता का विषय है।
पुलिस में शिकायत दर्ज
इस पूरी घटना के बाद पीड़ित महिला ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी युवक के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आगे क्या?
करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र 'हर की पैड़ी' पर हुई इस वारदात ने स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पूरी सच्चाई पुलिसिया तफ्तीश के बाद ही साफ हो पाएगी कि आखिर इस पूरे बखेड़े की मुख्य वजह क्या थी और दोषी पर क्या एक्शन लिया जाता है।
इस घटना पर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा (यह हिस्सा आप जोड़ सकते हैं)
वीडियो सामने आने के बाद से ही इंटरनेट पर लोग आरोपी युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यूज़र्स का कहना है कि देवभूमि की मर्यादा और महिलाओं का सम्मान सबसे ऊपर होना चाहिए। लोगों ने उत्तराखंड पुलिस को टैग करते हुए लिखा है कि ऐसे मामलों में बिल्कुल भी ढील नहीं दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी किसी महिला पर हाथ उठाने की हिम्मत न कर सके।
घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
इस विवाद ने हरिद्वार के घाटों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और पुलिस की मुस्तैदी पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय दुकानदारों और श्रद्धालुओं का कहना है कि हर की पैड़ी जैसे संवेदनशील और वीआईपी घाट पर हर वक्त पुलिस की गश्त होनी चाहिए ताकि इस तरह की कहासुनी और मारपीट की नौबत ही न आए। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी आरोपी को सलाखों के पीछे भेजती है।

