आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जब भी हमें घर से बाहर प्यास लगती है, हम तुरंत किसी भी दुकान पर जाते हैं और ₹20 की पानी की बोतल खरीदकर गटक जाते हैं। हम सोचते हैं कि सीलबंद (sealed) बोतल है, तो पानी एकदम शुद्ध और सुरक्षित होगा। लेकिन उत्तर प्रदेश के मेरठ और हापुड़ इलाके से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसे सुनकर आपके पैरों तले ज़मीन खिसक जाएगी। बाज़ार में बिकने वाली एक नामी कंपनी की सीलबंद पानी की बोतल में पानी की जगह खौफनाक तेज़ाब (acid) निकला, जिसे पीने से एक लड़की अस्पताल में अपनी ज़िंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।
क्या है पूरा मामला?
यह हैरान कर देने वाली घटना हापुड़ के अर्जुन नगर की है। यहाँ रहने वाली रिया, जो पेशे से एक स्कूल शिक्षिका (teacher) हैं, बाज़ार में कुछ खरीदारी करने गई थीं। शॉपिंग के दौरान जब रिया को तेज़ प्यास लगी, तो उन्होंने पास की ही एक दुकान से पीने के लिए पानी की एक सीलबंद बोतल मंगवाई।
बोतल देखने में बिल्कुल सामान्य थी और उस पर नामी ब्रांड का लेबल भी लगा था। लेकिन जैसे ही रिया ने बोतल खोलकर पानी की पहली घूंट ली, उनके होश उड़ गए। उस बोतल के अंदर पानी नहीं, बल्कि बेहद खतरनाक और खौफनाक तेज़ाब भरा हुआ था।
गले और अंदरूनी अंगों को पहुँचा भारी नुकसान
तेज़ाब की वह एक घूंट गले से नीचे उतरते ही रिया के पूरे शरीर में मानो आग लग गई। तेज़ाब ने उनके गले, खाने की नली और शरीर के अंदरूनी हिस्सों को बुरी तरह झुलसा दिया। दुकान पर ही रिया दर्द से तड़पने लगीं और उनकी हालत बिगड़ती चली गई।
गले में भयंकर तकलीफ और गंभीर हालत को देखते हुए रिया को तुरंत मेरठ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके इलाज में जुटी हुई है, लेकिन हालत अभी भी काफी नाजुक बनी हुई है। इस घटना ने प्रशासन से लेकर आम जनता तक, सबको हिलाकर रख दिया है।
पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग भी हैरान: जाँच जारी
इस घटना की खबर मिलते ही पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) तुरंत एक्शन में आ गए हैं। सबसे बड़ा और चौंकाने वाला सवाल यह है कि अगर बोतल पूरी तरह से सील थी, तो उसके अंदर तेज़ाब कहाँ से आया?
- क्या यह कंपनी के लेवल पर कोई बड़ी लापरवाही है?
- क्या नकली बोतल बनाकर उसमें तेज़ाब भरा गया था?
- या फिर किसी ने जानबूझकर इस वारदात को अंजाम दिया?
पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जाँच कर रही है और बोतल के सैंपल को लैब में टेस्ट के लिए भेज दिया गया है।
एक्सपर्ट ओपिनियन: आखिर सीलबंद बोतल में कैसे हो सकता है तेज़ाब?
स्वास्थ्य और सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं दो मुख्य वजहों से हो सकती हैं:
- लोकल रीफिलिंग और नकली माफिया: बाज़ार में कई ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जो पुरानी खाली बोतलों को इकट्ठा करते हैं, उनमें लोकल या दूषित पानी भरते हैं और नकली कैप (ढक्कन) लगाकर उन्हें दोबारा सील कर देते हैं। हो सकता है कि किसी ऐसी बोतल का इस्तेमाल पहले तेज़ाब या केमिकल रखने के लिए किया गया हो और बिना धोए उसमें पानी या गलत केमिकल पैक हो गया हो।
- केमिकल वाशिंग में लापरवाही: बड़ी फैक्ट्रियों में बोतलों को साफ करने के लिए कुछ सुरक्षित केमिकल्स का इस्तेमाल होता है। अगर प्लांट की मशीनरी में कोई तकनीकी गड़बड़ी आ जाए, तो कई बार वह क्लीनिंग लिक्विड बोतल के अंदर ही रह जाता है और ऊपर से पानी भर दिया जाता है।
खुद को सुरक्षित कैसे रखें? बाज़ार का पानी पीते वक्त रखें इन बातों का ध्यान
इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि हम आँख बंद करके किसी भी चीज़ पर भरोसा नहीं कर सकते। अगर आप भी बाहर का पानी पीते हैं, तो इन सुरक्षा नियमों को आज ही से गाँठ बाँध लें:
- बोतल खोलने से पहले सूंघें और देखें: बोतल का ढक्कन खोलते ही सीधे मुँह न लगाएं। पहले उसे थोड़ा सा सूंघकर देखें कि कहीं उसमें से कोई अजीब बदबू या केमिकल की गंध तो नहीं आ रही।
- ढक्कन (Cap) और सील को ध्यान से चेक करें: हमेशा देखें कि बोतल की सील बिल्कुल सही है या नहीं। अगर सील ढीली हो या ऐसा लगे कि उसे दोबारा जोड़ा गया है, तो उसे तुरंत वापस कर दें।
- बोतल को थोड़ा सा हिलाकर देखें: पानी में किसी भी तरह का झाग, कचरा या अजीब सा रंग दिखे तो उसे बिल्कुल न पीएं।
- जीभ पर हल्का सा टच करें: अगर आपको ज़रा सा भी शक हो, तो पानी की बड़ी घूंट भरने के बजाय अपनी उंगली पर एक बूंद लेकर जीभ पर लगाकर देखें। अगर कोई अजीब सी जलन या तीखापन महसूस हो, तो तुरंत थूक दें।
- इस्तेमाल के बाद बोतल को नष्ट करें: जब भी आप पानी की बोतल खरीदें, पीने के बाद उसका ढक्कन मरोड़कर बोतल के अंदर डाल दें या बोतल को क्रश (पिचका) कर दें, ताकि कोई उसका दोबारा इस्तेमाल न कर सके।
निष्कर्ष
हापुड़ की यह घटना हम सभी के लिए एक बहुत बड़ा अलर्ट है। आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपकी जान पर भारी पड़ सकती है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और बाज़ार से पानी खरीदते समय पूरी सावधानी बरतें
