अतिथि देवो भवः या 'अतिथि चोरों भवः'? एक विदेशी सैलानी की आपबीती और हमारी ज़िम्मेदारी

 

आजकल सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर सच्चे हिंदुस्तानी का सिर शर्म से झुक जाएगा। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया से एक विदेशी नागरिक, जिसका नाम एंडरसन बताया जा रहा है, बड़े चाव से भारत घूमने आया था। वो दुनिया के अजूबों में से एक, हमारे ताजमहल का दीदार करने आगरा पहुँचा था। लेकिन उसे क्या पता था कि जिस देश की संस्कृति को वो 'अतिथि देवो भवः' (मेहमान भगवान का रूप होता है) मानकर आया था, वहाँ कुछ चंद चोर उसकी पूरी ज़िंदगी को ही एक भयानक सपने में बदल देंगे।

​क्या है पूरा मामला?

​वायरल वीडियो और खबरों के मुताबिक, आगरा में किसी शातिर चोर ने इस विदेशी सैलानी का सब कुछ लूट लिया। चोर ने उसका पर्स, पैसे, ज़रूरी दस्तावेज़ और सबसे बढ़कर उसका पासपोर्ट तक चोरी कर लिया। अब ज़रा सोचिए, एक अंजान देश में जहाँ आपको कोई नहीं जानता, आपकी भाषा अलग है, वहाँ अगर आपका पासपोर्ट और पैसे गायब हो जाएँ, तो आप पर क्या गुज़रेगी?

​वीडियो में जो सबसे दिल दहला देने वाला दृश्य दिखाया गया है, वो यह है कि वो विदेशी सैलानी अब अपना पेट भरने के लिए और भारत में सर्वाइव करने के लिए एक ईंट के भट्ठे पर मज़दूरी करने को मजबूर है। वो सिर पर गमछा बाँधे, कड़ी धूप में भारी-भारी ईंटें उठा रहा है। वीडियो बनाने वाले भाई ने बिल्कुल सही और कड़क अंदाज़ में चोरों को ललकारते हुए कहा है:

"अरे चोरों! कम से कम इतना तो शर्म करो कि कोई इंसान कहाँ से आया है, कैसे आया है, और तुम्हारे इस घटिया कदम के बाद वो अपने देश वापस लौट भी पाएगा या नहीं? भारत माता को इतना भी शर्मसार मत करो!"


​हमारा नज़रिया (My Opinion): देश की साख पर एक बड़ा धब्बा

​एक जागरूक नागरिक होने के नाते, जब हम ऐसे वीडियो देखते हैं, तो दिल में एक अजीब सी कसक और गुस्सा पैदा होता है। यह सिर्फ एक इंसान के साथ हुई चोरी का मामला नहीं है, बल्कि यह हमारे पूरे देश की छवि का मामला है।

​1. 'अतिथि देवो भवः' की परंपरा का अपमान

​हम दुनिया भर में ढिंढोरा पीटते हैं कि भारत में मेहमानों को भगवान का दर्जा दिया जाता है। लेकिन जब एक विदेशी सैलानी हमारे देश से ऐसी कड़वी यादें लेकर जाएगा, तो वो दुनिया को हमारे बारे में क्या बताएगा? क्या वो कभी दोबारा भारत आने की सोचेगा? या क्या वो अपने देश के लोगों को भारत जाने की सलाह देगा? बिल्कुल नहीं! एक चोर की छोटी सी लालच ने पूरे देश की साख पर बट्टा लगा दिया है।

​2. प्रशासन और सुरक्षा पर सवालिया निशान

​आगरा जैसी जगह, जो पूरी दुनिया में टूरिज्म का हब है, वहाँ सुरक्षा व्यवस्था इतनी ढीली क्यों है कि सरेआम पर्यटकों का सामान और पासपोर्ट चोरी हो जाता है? पुलिस और स्थानीय प्रशासन को ऐसे मामलों में तुरंत एक्शन लेना चाहिए। पासपोर्ट जैसी चीज़ का चोरी होना किसी भी विदेशी नागरिक के लिए एक लीगल ट्रैप जैसा है।

​एक खास बात: जो हमें सोचने पर मजबूर करती है

​यहाँ अपनी तरफ से एक बेहद ज़रूरी बात जोड़ना चाहूँगा जो इस पूरे मामले के पीछे की असलियत की तरफ इशारा करती है:

"क्या वाकई यह घटना सौ फ़ीसदी सच है, या फिर यह सोशल मीडिया पर केवल व्यूज और लाइक्स बटोरने के लिए बनाया गया कोई स्क्रिप्टेड/प्रैंक वीडियो है?"


​आजकल इंटरनेट के ज़माने में 'डिजिटल कंटेंट' के नाम पर कुछ भी परोस दिया जाता है। कई बार विदेशी ब्लॉगर्स या लोकल क्रिएटर्स मिलकर इस तरह के भावुक वीडियो सिर्फ इसलिए बनाते हैं ताकि उनका वीडियो वायरल हो सके और लोग उसे धड़ाधड़ शेयर करें। अगर यह वीडियो सिर्फ एक प्रैंक या स्क्रिप्टेड रील है, तब तो राहत की बात है। लेकिन अगर यह वाकया सच में घटित हुआ है, तो यह हमारे समाज के लिए बहुत ही शर्मनाक और चिंताजनक बात है।

​निष्कर्ष और सीख

​अगर यह घटना सच है, तो हम सरकार और आगरा प्रशासन से यह अपील करते हैं कि उस विदेशी सैलानी की जल्द से जल्द मदद की जाए, उसका पासपोर्ट ढूँढा जाए और उसे सुरक्षित उसके वतन वापस भेजा जाए।

​और हम सभी भारतीयों को भी यह समझना होगा कि देश की इज़्ज़त किसी एक नेता या सरकार के हाथ में नहीं, बल्कि हम जैसे आम नागरिकों के व्यवहार पर टिकी होती है। जब भी कोई विदेशी मेहमान आपके शहर में आए, तो उसकी मदद करें, न कि उसे एक 'आसान शिकार' समझकर लूटने की कोशिश करें। चोरों को यह समझना चाहिए कि चंद रुपयों के लालच में वो सिर्फ किसी का पर्स नहीं चुरा रहे, बल्कि भारत का मान-सम्मान भी चुरा रहे हैं।

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​आपको क्या लगता है, क्या यह वीडियो सच है या सिर्फ एक स्क्रिप्टेड ड्रामा? प्रशासन को ऐसे मामलों में क्या कड़े कदम उठाने चाहिए?


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