The Chambal Report: आज के दौर में जब कोई आम इंसान किसी मुसीबत में फंसता है, तो उसका पहला और आखिरी भरोसा पुलिस होती है। लेकिन क्या हो जब वही पुलिस, वही थाने की चारदीवारी किसी बेगुनाह के लिए नरक बन जाए? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो रोंगटे खड़े कर देने वाला है, जो सीधे तौर पर हमारे सिस्टम और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बहुत बड़ा और खौफनाक सवालिया निशान खड़ा करता है।
क्या है पूरा मामला? (The Ground Reality)
वीडियो में दिख रहा पीड़ित युवक मीडिया के सामने रोते-बिलखते हुए अपनी आपबीती सुना रहा है। उसका चेहरा ढका हुआ है, लेकिन उसकी आवाज़ में छिपा दर्द और खौफ साफ महसूस किया जा सकता है।
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थाने के अंदर दरिंदगी: पीड़ित का आरोप है कि उसके साथ किसी और जगह नहीं, बल्कि थाने के अंदर (कच्छ नंबर 4 में) दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया।
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अमानवीय व्यवहार: युवक रोते हुए बता रहा है कि उसके कपड़े (कच्छा और लोअर) जबरन उतरवाए गए। उसने भगवान की कसम खाकर कहा कि उसे इतनी बेरहमी से प्रताड़ित किया गया कि उसकी ब्लीडिंग (खून बहना) बंद नहीं हो रही है।
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घिनौनी मानसिकता: पीड़ित के अनुसार, आरोपी पुलिसकर्मी ने उसकी शारीरिक बनावट को लेकर बेहद आपत्तिजनक और अश्लील टिप्पणियां कीं। आरोपी ने कहा, "इसकी टांगों पर तो बाल भी नहीं हैं, यह तो लड़कियों से भी ज्यादा सुंदर है..." और इसके बाद उसके साथ हैवानियत की गई।
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आरोपी की पहचान: जब मीडिया ने पीड़ित से पूछा कि यह सब किसने किया, तो उसने साफ तौर पर राजेंद्र सिंह नामक पुलिसकर्मी का नाम लिया, जो उस वक्त सिविल ड्रेस (सादे कपड़ों) में मौजूद था।
एक तरफ एनकाउंटर, दूसरी तरफ ये अंधेरगर्दी!
वीडियो के कैप्शन में लिखा है: "एक तरफ सरेंडर करने के बाद भरत तिवारी का एनकाउंटर, तो दूसरी तरफ थाने के अंदर युवक के साथ दुष्कर्म — रक्षक ही बने भक्षक।"
यह विरोधाभास (Contradiction) यह दिखाने के लिए काफी है कि हमारा सिस्टम किस कदर खोखला हो चुका है। एक तरफ पुलिस अपराधियों को ढेर करने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ कानून की आड़ में खुद ऐसे घिनौने अपराधों को अंजाम देती है, जिसे सुनकर किसी भी सभ्य समाज का सिर शर्म से झुक जाए। जो बंदा खुद कानून की रक्षा करने की शपथ लेता है, वही जब किसी लाचार का फायदा उठाने लगे, तो आम जनता न्याय की गुहार लगाने कहाँ जाएगी?
